#43 Shayari

ज़रा थाम ही लो हाथ, के आइना सच कहता है, खुशनुमा है ज़िन्दगी, मुस्कुरा के दोनों से कहता है.

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#27 Shayari

वक़्त की पाबंदियां कहां, दो-चार बातें और कह जाओ, लफ़्ज़ों में तुम बयां करना, तहज़ीब हम रखेंगे, तुम्हें बताने को कहानियां मिल जायेंगी, हम उसे गुफ्तगू कह देंगे.

#25 Shayari

कोई सच नहीं मानता हमारे बीच आई दूरी को, इस दिल से पूछो कितना सहलाना पड़ता है, इसे सुलाने के लिए.