When a father misses his daughter

दीवारें अब भी मुस्कुरा रही हैं, समा गया है खिलखिलाना उसका, वीरानियां तो दिल के कोने-कोने में हैं , गुरैया की तरह, उसका चेहचहाना भी कम ही सुनाई देता है.