#51 Shayari

लो आज एक और तारा टूट गया, यहां मैं आधा, वहां वो अधुरा.

Advertisements

#24 Shayari

मुझसे बिछड़ने की वजह कहीं वो खुद को न मान बैठे, जीना न छोड़ दे, सांसों के चलते-चलते.