#57 Shayari

अब उन्हें दूर से निहारना ही हमारी मोहब्बत की पहचान है, करीब से उनकी बेरुखी कभी हमने भी महसूस की होगी.

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शब्द

शब्दों का क्या है, कुछ अधूरे हैं, कुछ पुरे हैं, कुछ लाठी के सहारे हैं, कुछ बोझ तले दबे हैं, कुछ साज़ में घुले हैं, कुछ हैं नासाज़, कुछ समेट लेते हैं, कुछ बिखेर देते हैं, कुछ किताबों में दबे हैं, कुछ भीतर-ही-भीतर जा छिपे हैं, जो वादियों में सुनाई दे वो गूंज बन जाते …

#33 Shayari

कुछ इस कदर इत्तेफ़ाक कर, की फिर एक नई मुलाकात कर. Wish you all a Very Happy Friendship's Day! May you all make more memories than before, laugh louder than ever before and stay forever till life goes. Enjoy and have a great day! Be Happy!