#35 Shayari

गर कलम नुकीली है, तो कटाक्ष तो कसेगी ही, बयान मोहब्बत भी करेगी, इसलिए थम-थम के चलेगी.

#29 Shayari

नफरत नहीं,बस मोहब्बत उससे ज्यादा है, इसलिए आज भी पूछ लिया, वो खैरियत से तो हैं ना वहां.

इश्क

है रब की नेमत आज भी मुझपे, कुछ बीते लम्हों की मुस्कान आज भी है, निगाहें ढूंड रही हैं वो सारे रिश्ते, जिनसे महक तेरी आती है. कमियां तो हैं; तू पूरी करदे, वो दो रिश्ते मुझे एक आखरी दफा देदे, दिल टूट जाए वो मोहब्बत का नाटक करदे, नमूना बनादे, बेवफाई करके. तुझसे गिले, …

#28 Shayari

खुद से नफरत महसूस होती है, तुझसे मोहब्बत ख़त्म क्यों नहीं होती है.

#17 Shayari

शिद्दत की कमी कहां हममें, पत्थर दिल से मोहब्बत जो कर गुज़रे, खुद से बेरुखी का सबब, शायद इश्क करके बयां होगा.

ये कैसी मोहब्बत…

सब कुछ भूल भी जाऊं तो वो रात याद आती है, मेरे कानों में गूंजती तेरी हर बात याद आती है, ये नज़रें भी जा टकराई तो किससे, होश गवां बैठा वो शरमाई कुछ ऐसे... मेरे दिल की ना जाने किस गहराई में तू बसती है, जब तक थी तू... अब जिंदगी खाली सी लगती …

#1 Shayari

वाकिफ़ हुए कई मोहब्बत के नज़रानों से, हम अकेले नहीं, कई बदनाम हमसे पहले हो चुके.