#69 Shayari

अजीब दास्तां है ये ग़ालिब, कहना भी सब उन्ही से है और, दूरियों की गूंज भी चारदीवारी में छुपाना है.

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#61 Shayari

हर राह जो उनसे दूर ले गयी, वहां मोहब्बत बिछा आये हैं. क्या पता कब उन्हें भी किसी मोड़ पर, मोहब्बत ही मिल जाए. Very Happy Valentine's Day to all. Sending lots of love and hugs to you all 🙂

#60 Shayari

सालों बाद उसने हाथ थामकर पूछा, “कैसी बीत रही है ज़िन्दगी?” मैंने सीधा ले जाकर उसे आईने के सामने खड़ा कर दिया, और कहा, “अब खूबसूरत.”

है तो ये रोग ही

है ये भी अच्छा मर्ज़ हमें, उनकी चाह के रुओं से सिमटे, उँगलियों में जैसे पड़ी हो सिलवटें, खीच लाती है उसकी प्यास हमें. हां है तो ये रोग ही, हर पल थोड़ा ज्यादा ही लगता है, कुछ देर और ठहर जाए, उसके रंग में मन रमता है. कुछ कहदो और थोड़ा सहला भी दो, …

कुछ ऐसा है हाल

है ये कैसी हार मोहब्बत, खुद को हार बैठा, फिर भी ज़हन में जीत महसूस होती है. है ये कैसी नाकामी प्यार, बिछड़के भी उसकी कमी नहीं लगती है, यादों में वो आज भी नयी है. है ये कैसी तिश्नगी इश्क, उम्र यादों में ढलती जा रही है, धड़कने यूं ही बढती जा रही हैं. …