कुछ अजीब है

एक अजीब सा सन्नाटा है. जल्दी-जल्दी में वो अपनी हर बात कह देती है, मगर, एक अजीब सी ख़ामोशी है. कानों में आज भी उसकी हंसी गूंजती है, मगर, एक अजीब सी उदासी है. सपनो को हासिल करने का जज़्बा है, मगर, एक अजीब सी थकान है. यूं तो हर महफ़िल की वो जान है, …

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Sensitive OR Insensitive

ना जाने इनके कितने पैने औज़ार हैं, जो हमारे बत्तीस सीधे तन के खड़े हैं, यहां एक अपशब्द से देखो, बत्तीस सालों के रिश्ते कैसे बिखरे पड़े हैं. हर जगह दांतों की सेंसिटिविटी की बात हो रही है, यहां इंसानियत ही नज़रंदाज़ हो रखी है. इंसानों की इनसेंसिटिविटी को कोई मर्ज़ मानता ही नहीं है, …

आज फिर

आज फिर तुम्हें याद किया है, अब शायद हर आने वाले दिन, मैं तुमसे यही कहूंगा. तुम्हारे बिना जैसे पहले रहता था, अब वैसे भी नहीं रह सकूंगा, अकेला था तो ही अच्छा था, अब यादों का सहारा है, पर दिल तो अब भी बच्चे सा कच्चा है. नज़रें हर ओर पहुच जाती हैं, पर …