#16 Shayari

"मैंने दोस्त से कह दिया आती है हर पल उसकी याद, और फिर हर पल ये सोचता रहा, वो ऐसा किसे कहती होगी"

#15 Shayari

"आज भी हर रात उनके तस्सवूर में बीत रही है, उन्हें क्या पता, कितनी धड़कने मेरी मुझ ही में सो चुकी हैं."

#14 Shayari

"मुरझा ही जाते पन्नों के बीच, कुछ इस तरह जकड़े हुए से थे, अपनों से दूर जो थे, वो कांटे ही सही"

#13 Shayari

"जब अपने ही ज़ख्मों पर हंसी आने लगे, समझना मरहम लगा गया कोई"

Cease me…

"Cease me... your touch, your kiss, your warmth, But never your glance, For I feel blind."

#12 Shayari

"तेरे अलफ़ाज़ से लगी चोट का ज़ख्म नहीं है ये, तूने मोहब्बत का नाम देकर मुझे चीर-चीर किया."

#11 Shayari

"ज़िन्दगी में जीने से नहीं डरना कभी, क्योंकि, मरता तो हर कोई है."