#48 Shayari

कई दफा उस शायर के दिल-ए-मिज़ाज पढके मुस्कुराये हैं, उसी मंज़र में इस दिल के मिज़ाज-ए-खुद भी लड़खड़ाए हैं.

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Anger – The destructive love

Her presence, when absent from thoughts, Sensuous aroma vibrated my balls, Her heart that resided in my soul, Notions of my poor love behold. Loved so much, that it hurts, Felt my bone, zapped my core, It's scarce, yet abundant in my veins, This her love, traveled sun and snow. It's in dreams that you …

कुछ ऐसा है हाल

है ये कैसी हार मोहब्बत, खुद को हार बैठा, फिर भी ज़हन में जीत महसूस होती है. है ये कैसी नाकामी प्यार, बिछड़के भी उसकी कमी नहीं लगती है, यादों में वो आज भी नयी है. है ये कैसी तिश्नगी इश्क, उम्र यादों में ढलती जा रही है, धड़कने यूं ही बढती जा रही हैं. …